Physiotherapy exercises and treatment for knee pain
09 October
Neuro Physiotherapist
Medically Reviewed By
Dr. Arpita Ganguly
BPT, MPT (Neuro), 6+ years clinical
experience in neuro rehabilitation & functional recovery
Oct 09, 2026
10 min read

घुटनों में दर्द हो तो क्या करें? पहले दर्द की शुरुआत और उसके साथ दिख रहे लक्षणों पर ध्यान दें। अचानक चोट के बाद बहुत सूजन, घुटने का आकार बदलना या पैर पर वजन न डाल पाना जल्द चिकित्सा जांच की मांग करता है। हल्का दर्द किसी गतिविधि के बाद शुरू हुआ है और ऐसे चेतावनी संकेत नहीं हैं, तो कुछ समय भार घटाना, आरामदायक गति बनाए रखना और जरूरत के अनुसार ठंडी सिकाई उपयोगी हो सकती है। घुटनों के दर्द का एक ही इलाज सबके लिए सही नहीं होता।

इस लेख में घुटनों के दर्द के संभावित कारण, घर पर शुरुआती देखभाल, कब व्यायाम करना सुरक्षित है, फिजियोथेरेपी की भूमिका और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए, सरल हिंदी में समझाया गया है। आप अपनी स्थिति की तुलना कर सकते हैं, लेकिन केवल इंटरनेट पढ़कर बीमारी का नाम तय न करें।

घुटनों में दर्द क्यों होता है

घुटना हड्डियों, उपास्थि, लिगामेंट, टेंडन और आसपास की मांसपेशियों के सहारे काम करता है। दर्द जोड़ के भीतर से भी आ सकता है और उसके आसपास के ऊतकों से भी। चोट, गतिविधि में अचानक बढ़ोतरी, दौड़ने या कूदने से भार, उम्र के साथ होने वाले जोड़ के बदलाव और सूजन वाली स्थितियां कुछ संभावित कारण हैं। घुटने में दर्द का स्थान अकेले सही निदान नहीं बताता।

  • मुड़ने या गिरने के बाद दर्द, सूजन और अस्थिरता: लिगामेंट, मेनिस्कस या अन्य चोट की जांच जरूरी हो सकती है।
  • सीढ़ियां, बैठने से उठना या दौड़ने पर सामने की ओर दर्द: घुटने के आसपास भार और मांसपेशियों की क्षमता का मूल्यांकन उपयोगी हो सकता है।
  • धीरे-धीरे बढ़ता दर्द और जकड़न: जोड़ के बदलाव समेत कई कारण संभव हैं; उम्र के आधार पर ही निष्कर्ष न निकालें।
  • लाल, गर्म और बहुत सूजा हुआ घुटना: संक्रमण या अन्य गंभीर कारण का संकेत हो सकता है।
  • घुटने का अटकना या बार-बार जवाब दे जाना: जांच में देर न करें।

यदि घुटने में दर्द के साथ पिंडली में नई सूजन, सांस फूलना या सीने में दर्द भी है, तो इसे सामान्य घुटने की समस्या मानकर फिजियोथेरेपी अपॉइंटमेंट तक न टालें; तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

घुटनों में दर्द होने पर पहले क्या करें

यदि कोई गंभीर चेतावनी संकेत नहीं है, तो पहले एक-दो दिन उन कामों को कम करें जिनसे दर्द साफ बढ़ता है। लंबे समय तक खड़े रहने, दौड़ने या बार-बार गहरी बैठक लगाने की जगह छोटी अवधि की आरामदायक चाल चुनें। इसका मतलब पूरे दिन बिस्तर पर रहना नहीं है। घुटने को जितना सुरक्षित और सहनीय हो, उतना चलाते रहना अकड़न कम रखने में मदद कर सकता है।

दर्द और सूजन में कपड़े में लपेटा ठंडा पैक थोड़ी देर के लिए लगाया जा सकता है। बर्फ सीधे त्वचा पर न रखें। जिस व्यक्ति को त्वचा की संवेदना कम है, रक्त संचार की समस्या है या कोई अन्य जोखिम है, उसे पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। दर्द की दवा चुनते समय अपनी दूसरी बीमारियों और चल रही दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

अगर दर्द तेजी से बढ़ रहा है, घुटने की सूजन बहुत अधिक है, या आप सामान्य रूप से चल नहीं पा रहे हैं, तो घर पर देखभाल जारी रखने के बजाय जांच कराएं।

घुटनों के दर्द का इलाज कैसे तय होता है

घुटनों के दर्द का इलाज उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर है। कभी हाल की गतिविधि का भार बदलना पर्याप्त हो सकता है, जबकि चोट, संक्रमण, सूजन वाली बीमारी या बहुत अधिक अस्थिरता में अलग चिकित्सा की जरूरत होती है। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट शुरुआत का समय, चोट का तरीका, सूजन, घुटने की गति, चलने की क्षमता और रोजमर्रा के कामों पर असर देख सकते हैं। हर दर्द में एक्स-रे या एमआरआई जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में आगे की जांच उचित होती है।

किसी भी घुटने को बिना मूल्यांकन “गठिया” या “मेनिस्कस की चोट” कहना भ्रामक हो सकता है। सही योजना में दर्द और सूजन संभालना, धीरे-धीरे गति और ताकत लौटाना, तथा व्यक्ति के काम, चलने और सीढ़ियों के लक्ष्य शामिल हो सकते हैं।

विशिष्ट मूल्यांकन और पुनर्वास के लिए अप्रिकॉट केयर की घुटने के दर्द की फिजियोथेरेपी सेवा देखें।

फिजियोथेरेपी घुटनों के दर्द में कैसे मदद कर सकती है

फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल दर्द वाली जगह पर उपचार करना नहीं है। जांच में घुटने की गति, सूजन, जांघ और कूल्हे की ताकत, चलने का ढंग, संतुलन और काम या खेल से जुड़ी जरूरतें देखी जा सकती हैं। इसके आधार पर व्यायाम और गतिविधि का स्तर तय होता है। लक्ष्य ऐसा कार्यक्रम बनाना है जिसे व्यक्ति सुरक्षित ढंग से पूरा कर सके और समय के साथ प्रगति कर सके।

लंबे समय से दर्द, चोट के बाद कमजोरी या ऑपरेशन के बाद पुनर्वास में योजना अलग-अलग होती है। ऑपरेशन के बाद सर्जन की सावधानियां और उपलब्ध रिपोर्ट देखना जरूरी है। यदि घुटने में लाल गर्म सूजन, बुखार या गंभीर चोट का संकेत मिले, तो पहले चिकित्सा समीक्षा की जरूरत हो सकती है।

जोड़ और मांसपेशियों के व्यापक पुनर्वास के बारे में अप्रिकॉट केयर की ऑर्थोपेडिक पुनर्वास सेवाएं भी पढ़ सकते हैं।

क्या घुटनों में दर्द के दौरान व्यायाम करें

कई लोगों के लिए सही स्तर की हल्की गतिविधि उपयोगी होती है, लेकिन “घुटने के दर्द की एक्सरसाइज” सबको एक जैसी नहीं दी जानी चाहिए। एक व्यक्ति को चलने की अवधि घटाकर धीरे-धीरे बढ़ानी पड़ सकती है; दूसरे को पहले सूजन या चोट की जांच चाहिए। दर्द बहुत तेज हो, घुटना लॉक हो, भार न सह पाए या बुखार के साथ गर्म सूजन हो, तो व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सा सहायता लें।

  • कम समय और आरामदायक गति से शुरुआत करें; दर्द को जोर लगाकर पार करने की कोशिश न करें।
  • व्यायाम के अगले दिन दर्द या सूजन स्पष्ट बढ़े तो मात्रा और कठिनाई घटाने के लिए सलाह लें।
  • कूल्हे, जांघ और पिंडली की ताकत भी घुटने के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • गहरी बैठक, कूदना या भारी वजन तभी जोड़ें जब मूल्यांकन और प्रगति इसकी अनुमति दें।
  • हाल की चोट या घुटने के ऑपरेशन के बाद अपनी चिकित्सा टीम की सावधानियां मानें।

व्यायाम के उदाहरण और उनके चयन के बारे में घुटने के दर्द के लिए फिजियोथेरेपी व्यायाम मार्गदर्शिका पढ़ें; अपनी स्थिति के अनुसार अभ्यास की पुष्टि करें।

Gentle walking exercise for managing knee pain and improving mobility

रोजमर्रा में दर्द को कैसे संभालें

सीढ़ियां चढ़ना, फर्श पर बैठना, लंबे समय तक खड़े रहना या एक ही दिन में बहुत अधिक पैदल चलना कुछ लोगों के लक्षण बढ़ा सकता है। काम रोकने के बजाय उसे छोटे हिस्सों में बांटना, बीच-बीच में आराम लेना और गतिविधि को धीरे-धीरे बढ़ाना अधिक व्यावहारिक रहता है। कुर्सी से उठते समय सहारा, आरामदायक जूते या अस्थायी चलने का साधन कुछ स्थितियों में मदद कर सकता है, लेकिन इनका चुनाव व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार करें।

वजन घटाना कुछ लोगों में घुटने पर भार कम करने में मदद कर सकता है, पर दर्द को केवल वजन से जोड़ना ठीक नहीं। नींद, नियमित गतिविधि और बीमारी का उपचार भी देखभाल का हिस्सा हैं। तेल, घरेलू लेप या “तुरंत ठीक करने” वाले उत्पादों से चोट, संक्रमण या जोड़ की बीमारी का उपचार होने का दावा भरोसेमंद नहीं है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

  • चोट के बाद घुटने का आकार बदल गया हो या बहुत सूजन आ गई हो।
  • घुटने पर वजन न डाल पा रहे हों या उसे सीधा या मोड़ न पा रहे हों।
  • घुटना लॉक हो, बार-बार जवाब दे या दर्द के साथ क्लिक करे।
  • घुटना लाल और गर्म हो तथा बुखार, कंपकंपी या अस्वस्थता महसूस हो।
  • नई पिंडली की सूजन के साथ सांस फूलना या सीने में दर्द हो।

यदि कुछ सप्ताह में दर्द बेहतर नहीं होता, बार-बार लौटता है या नींद और रोजमर्रा के काम रोक रहा है, तो नियोजित चिकित्सकीय मूल्यांकन कराएं। किसी बच्चे के घुटने के दर्द को भी केवल बढ़ती उम्र का दर्द मानकर न टालें।

मूल्यांकन के लिए क्या जानकारी लेकर जाएं

क्लिनिक जाने से पहले नोट करें कि दर्द कब शुरू हुआ, कोई गिरना या मुड़ना हुआ था या नहीं, सूजन कितनी देर में आई, किस गतिविधि से दर्द बढ़ता है और अभी कितनी दूर चल पाते हैं। पहले की जांच, दवाओं और सर्जरी की जानकारी भी साथ रखें। इस जानकारी से उचित उपचार और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय रेफरल तय करने में मदद मिलती है।

यदि घुटने का दर्द चलने, सीढ़ियां चढ़ने या व्यायाम को प्रभावित कर रहा है, तो घुटने का फिजियोथेरेपी मूल्यांकन बुक करें ।

निष्कर्ष

घुटनों के दर्द में सबसे उपयोगी कदम लक्षणों की गंभीरता पहचानना है। हल्की समस्या में गतिविधि का भार घटाकर आरामदायक गति जारी रखी जा सकती है, जबकि गंभीर चोट, बहुत सूजन, बुखार या घुटना लॉक होने पर चिकित्सा जांच जरूरी है। दर्द की वजह स्पष्ट होने पर फिजियोथेरेपी से चलने, ताकत और रोजमर्रा के कामों के लिए व्यक्तिगत योजना बनाई जा सकती है।

अप्रिकॉट केयर से संपर्क करें | +91 73876 41462

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घुटनों में दर्द हो तो क्या करें?

यदि दर्द हल्का है और कोई चेतावनी संकेत नहीं है, तो दर्द बढ़ाने वाली गतिविधि कुछ समय कम करें, आरामदायक गति बनाए रखें और जरूरत के अनुसार कपड़े में लपेटी ठंडी सिकाई करें। तेज दर्द, बहुत सूजन या पैर पर वजन न डाल पाने पर चिकित्सकीय जांच कराएं।

घुटनों में दर्द का इलाज क्या है?

घुटनों के दर्द का इलाज कारण पर निर्भर है। इसमें गतिविधि में बदलाव, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा, व्यक्तिगत फिजियोथेरेपी या कुछ स्थितियों में अन्य उपचार शामिल हो सकते हैं। बिना जांच के एक ही इलाज सबके लिए तय नहीं किया जा सकता।

घुटनों में दर्द कैसे ठीक करें?

पहले दर्द का कारण और चेतावनी संकेत समझें। आरामदायक गतिविधि, भार को धीरे-धीरे बढ़ाना और जरूरत के अनुसार फिजियोथेरेपी मदद कर सकते हैं। दर्द बना रहे, बढ़े या बार-बार लौटे तो मूल्यांकन कराएं।

क्या घुटनों के दर्द में चलना सुरक्षित है?

हल्के दर्द में सहनीय दूरी तक चलना कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकता है। लेकिन गंभीर चोट, बहुत सूजन, घुटने का लॉक होना या पैर पर वजन न डाल पाने पर चलने के लिए जोर न लगाएं और चिकित्सकीय सलाह लें।

घुटने में सूजन और बुखार हो तो क्या करें?

गर्म, लाल या सूजे घुटने के साथ बुखार या अस्वस्थता होने पर जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं। यह संक्रमण जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

क्या एप्रिकॉट केयर घुटने के दर्द के लिए फिजियोथेरेपी देता है?

हां। एप्रिकॉट केयर घुटने के दर्द के लिए व्यक्तिगत फिजियोथेरेपी मूल्यांकन और पुनर्वास सहायता प्रदान करता है। जांच के आधार पर व्यायाम योजना या जरूरत पड़ने पर चिकित्सा समीक्षा की सलाह दी जाती है।

संदर्भ

चिकित्सकीय नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। गंभीर चोट, घुटने का विकृत आकार, पैर पर वजन न डाल पाना, लाल गर्म सूजन के साथ बुखार, या पिंडली की सूजन के साथ सांस फूलने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

Dr. Arpita Ganguly
About author
Dr. Arpita Ganguly (PT) is a Neuro Physiotherapist at Apricot Care, Pune.
With 6 years of experience, she specializes in neuro-rehabilitation, geriatric care, and balance training to help patients improve mobility and functional independence.
back top
WhatsApp Call